पवार समाज में गोत्र का महत्व (Importance of Gotra)
पवार समाज (जिसे भोयर पवार, क्षत्रिय पवार, या पंवार समाज के नाम से भी जाना जाता है) में विवाह सम्बन्ध तय करते समय गोत्र (Gotra) का अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान है। गोत्र प्रणाली हमारी सांस्कृतिक पहचान और वैज्ञानिक दृष्टि से अनुवांशिक स्वास्थ्य दोनों की रक्षा करती है।
विवाह के दौरान मुख्यतः चार गोत्रों को टाला जाता है:
- स्वयं का गोत्र (Self Gotra / पिता का गोत्र)
- माता का गोत्र (Mother's Gotra / मामा का गोत्र)
- दादी का गोत्र (Father's Mother's Gotra)
- नानी का गोत्र (Mother's Mother's Gotra)
पवार समाज के 72 प्रमुख गोत्र — Complete List
ऐतिहासिक शोधकर्ताओं (विशेषकर राजेश बारंगे पंवार और माह ताप्ती शोध संस्थान, मुलताई) के अनुसार, पवार समाज में मूल रूप से 72 गोत्र (कुल) माने जाते हैं। समय के साथ क्षेत्रीय भाषा और उच्चारण के कारण एक ही गोत्र के कई अपभ्रंश (name variants) प्रचलित हो गए हैं:
गोत्र सूची (अपभ्रंश सहित)
- बारंगिया — बारंग्या, बारंगा, बारंगे
- बागवान — भोयर, भुईहार
- बोगाना — बैंगने, बोगा
- बरखेड़िया — बरखाड्या, बरखेडे, बरखाडे
- बारबुहारा — बारबुहारे
- बड़नगरिया — बड़नगरया, बडनगरे, बन्नगरे, नागरे
- भादिया — भादय्या, भादया, भादे, भादेकर
- बोबाट — भोभाट, भोभटकर, बोभाट, बोभाटकर
- बोबड़ा — बोबड्या, बोबड़े, बोबाड़े
- बुहाड़िया — बुवाड्या, बोवाड्या, बुआड्या, भोहाड्या, बुवाडे, बोवाड़े
- बरगाड़िया — बिरगड्या, बिरगड़े, बिरगाड़े, वीरगाड़े, वीरखाड़े, बिसेन
- चोपड़िया — चोपड्या, चोपड़े, चोपड़ा, चोपाडे
- चौधरी
- चिकानिया — चिकनिया, चिकन्या, चिकने, चिकाने, चनखार
- ढुंढारिया — डंडारे, डंढारे, डंडाले, दंडाले
- डालू — डाला, डहारे, डाले, डकारे
- देवासिया — देवास्या, देवासे
- देशमुख
- धारफोड़िया — धारपुरे, धारे, धारफोड़े
- ढोटा — ढोटया, धोटे, ढोटे
- ढोंडी
- ढोबारिया — ढोबारया, डोबारया, ढोबले, ढोबाले, डोबले
- ढोलिया — ढोल्या, ढोले
- डिगरसिया — डिगरस्या, डिगरसे, डिग्रसे, दीग्रसे
- डोंगरदिया — डोंगरया, डोंगरे, डोंगरकर, डोंगरदेव
- दुखी — दुर्वे, दु:खी, दुख्खे
- फरकाड़िया — फरकाड्या, फरकाड़े, फरकासे, फरखासे
- गाड़किया — गाखरे, गाकरे
- गागरिया — गाडगे, गागरे, आगरे, गागड़े
- गाडरी — गाडरया, गडरे, गद्रे, गादड़े, काटोले, काटवले
- घागरे
- गिरहारिया — गिरहारया, गिरहारे, गिराले, गुसाई
- गोंदिया
- गोहितिया — गोहित्या, गोहिते, गोहते, गोयरे
- गोरिया — गोरे
- हजारिया — हजारे
- हिंगवा — हिंगवे
- कालभोर — कालभूत
- करदातिया — करदाते
- कड़वा — कड़वे
- कामड़ी
- कसाई — कासलीकर
- खौसी — खवसे
- कोल्हे
- कुम्हारे
- लोधी
- लोहारे
- मल्हारिया — मल्हारे, मलखारे
- माहुले
- मातले
- मोगरिया — मोगरे
- नवरंग
- पचपेड़िया — पचपेड़े
- पाथे — पाठे
- राउत
- सबनिया — सबने
- साजिया — साजे
- सांगले
- शिवणे
- सोनाने
- ताम्रकार
- तेलंगिया — तेलंगे
- तेम्भरे — तेम्भुर्णे
- ठाकरे
- तिरमारे
- उकंडे
- उमक
- वाघमारे
- वानखेड़े
- वासनिक
- येडे
- झलके
- झाम्बरे
गोत्र मिलान और विवाह (Gotra Matching in Marriage)
पवार समाज में विवाह तय करते समय गोत्र मिलान एक अनिवार्य प्रक्रिया है। वर और वधू के चारों गोत्र (स्वयं, माता, दादी, नानी) अलग-अलग होने चाहिए। यह प्रथा न केवल सांस्कृतिक महत्व रखती है, बल्कि वैज्ञानिक दृष्टि से भी अनुवांशिक विविधता बनाए रखने में सहायक होती है।
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