Sakharpuda — पवार समाज में सगाई की परंपरा
पवार समाज की शादी की शुरुआत होती है सखरपुडा (Sakharpuda) से — यह वह पवित्र अवसर है जब दो परिवार आधिकारिक रूप से एक-दूसरे के रिश्तेदार बनने का संकल्प लेते हैं। महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश के पवार समाज में सखरपुडा को सगाई (Engagement) के रूप में मनाया जाता है।
सखरपुडा का अर्थ और महत्व
'सखरपुडा' शब्द मराठी में 'सखर' (चीनी/मिसरी) और 'पुडा' (पुड़िया/पैकेट) से बना है। इसका शाब्दिक अर्थ है — चीनी की पुड़िया। इस रस्म में लड़के की तरफ से लड़की के घर मिसरी या चीनी भेजी जाती है, जो रिश्ते की मिठास और उसके पक्के होने का प्रतीक है।
यह परंपरा पवार समाज में सदियों से चली आ रही है और इसे "Meetha Rishta" की शुरुआत माना जाता है।
सखरपुडा कब होता है?
सखरपुडा आमतौर पर विवाह से कुछ हफ्ते से लेकर कुछ महीने पहले किया जाता है। इसके लिए भी एक शुभ मुहूर्त देखा जाता है।
- सखरपुडा के लिए गुरुवार, शुक्रवार और सोमवार शुभ माने जाते हैं।
- पंचमी, सप्तमी, एकादशी और त्रयोदशी तिथि अनुकूल होती है।
- चातुर्मास (Chaturmas) में सखरपुडा नहीं होता।
सखरपुडा की रस्में — Step by Step
1. गणेश पूजन
सखरपुडा की शुरुआत भगवान गणेश की पूजा से होती है। शुभ कार्य की शुरुआत में गणेश जी का आशीर्वाद अनिवार्य माना जाता है।
2. सखर (मिसरी) का आदान-प्रदान
लड़के के परिवार की तरफ से मिसरी या पेड़े लड़की के घर भेजे जाते हैं। लड़की के परिवार की ओर से भी मिठाई लड़के के घर जाती है। यह रस्म रिश्ते की स्वीकृति और मिठास का प्रतीक है।
3. अंगूठी की रस्म (Ring Ceremony)
आधुनिक समय में सखरपुडा में अंगूठी पहनाने की रस्म भी जोड़ी गई है। लड़का और लड़की एक-दूसरे को अंगूठी पहनाते हैं।
4. हल्दी-कुमकुम
सुहागिन महिलाएं (Suhasini) लड़की को हल्दी-कुमकुम लगाती हैं और उसे आशीर्वाद देती हैं।
5. उपहार (भेटवस्तू)
दोनों परिवार एक-दूसरे को उपहार देते हैं। लड़की को साड़ी, मंगलसूत्र, कपड़े और गहने दिए जाते हैं। लड़के को कपड़े और अन्य उपहार मिलते हैं।
6. नारळ (नारियल)
महाराष्ट्र की परंपरा में नारियल देना विशेष महत्व रखता है। दोनों परिवारों के बीच नारियल का आदान-प्रदान रिश्ते की पुष्टि का प्रतीक है।
7. पूजा की थाल (Aarti Thali)
लड़की की माँ और परिवार की महिलाएं वर का स्वागत आरती की थाल से करती हैं।
सखरपुडा में क्या-क्या लाया जाता है?
लड़के के परिवार की तरफ से:
- मिसरी / पेड़े / मिठाई का डिब्बा
- नारियल (Shri Phal)
- लड़की के लिए साड़ी और ब्लाउज का कपड़ा
- मंगलसूत्र (कुछ परिवारों में)
- सोने या चांदी के गहने
- श्रीफल (नारियल)
लड़की के परिवार की तरफ से:
- मिठाई और पेड़े
- लड़के के लिए कपड़े
- नारियल
सखरपुडा और आधुनिकता
आज के समय में पवार समाज परिवार सखरपुडा को एक छोटे लेकिन यादगार उत्सव के रूप में मनाते हैं। फोटोग्राफी, वीडियोग्राफी, और सोशल मीडिया पर शेयर करना अब इस रस्म का हिस्सा बन गया है।
कुछ परिवार सखरपुडा को सरल रखना पसंद करते हैं — केवल करीबी रिश्तेदारों के साथ — जबकि कुछ परिवार इसे एक छोटे कार्यक्रम के रूप में मनाते हैं।
सखरपुडा के बाद क्या होता है?
सखरपुडा के बाद विवाह की तैयारियां शुरू हो जाती हैं:
- विवाह का मुहूर्त निकालना
- विवाह स्थल और हॉल बुक करना
- दोनों तरफ के रिश्तेदारों को निमंत्रण देना
- विवाह बायोडाटा बनाना और शेयर करना
- Haldi, Mehendi और अन्य प्री-वेडिंग रस्मों की तैयारी
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